Khabarnama Desk : सोशल मीडिया पर हाल ही में एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग “घिबली आर्ट” के नाम से पहचान रहे हैं। इस ट्रेंड के तहत लोग अपनी और सेलेब्रिटी की तस्वीरों को कार्टून-स्टाइल में बदलकर शेयर कर रहे हैं, और इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव और इसके खतरे पर भी चर्चा हो रही है। AI अब कुछ ही सेकंड्स में घिबली स्टाइल की इमेज बना सकता है, जबकि इसे पहले बनाने में महीनों का समय लगता था।
घिबली आर्ट क्या है?
घिबली आर्ट की शुरुआत 1985 में जापान के प्रसिद्ध एनिमेशन स्टूडियो “घिबली” से हुई थी, जिसे हयाओ मियाज़ाकी और इसाओ ताहाटा ने स्थापित किया था। इस स्टूडियो की पहचान अपनी शानदार एनिमेशन शैली और कहानी आधारित डिज़ाइन से है। “घिबली” शब्द का अर्थ होता है गर्म रेगिस्तानी हवा, और मियाज़ाकी ने इसे जापान की एनिमेशन इंडस्ट्री में एक नई हवा के रूप में प्रस्तुत किया था।
घिबली आर्ट की विशेषताएँ
घिबली आर्ट की खासियत यह है कि इसके पात्र हाथ से बनाए जाते हैं और इसमें हल्के पेस्टल रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सादगी और शांति दर्शकों को आकर्षित करती है, जिससे इस स्टूडियो ने दुनियाभर में करोड़ों फैंस बनाए हैं।
AI और घिबली आर्ट
चैटजीपीटी ने हाल ही में GPT-40 टूल में एक बिल्ट-इन इमेज जेनरेशन फीचर जोड़ा है, जिससे AI को घिबली स्टाइल की तस्वीरें बनाने की क्षमता मिल गई है। इससे घिबली स्टाइल की तस्वीरें वायरल हो गई हैं, और यह फीचर अन्य AI टूल्स के मुकाबले अधिक सटीक और मियाजाकी की कला से मेल खाता है।
घिबली आर्ट का निर्माण कितना कठिन है?
घिबली आर्ट को बनाने में बहुत मेहनत और समय लगता है, क्योंकि इसमें गहरी भावनाएँ और जटिलताएँ होती हैं। प्रसिद्ध फिल्में जैसे “स्पिरिटेड अवे” और “माई नेबर टोटोरो” घिबली स्टाइल में बनाई गई हैं, जो इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
सोशल मीडिया पर घिबली आर्ट
इस ट्रेंड के कारण, सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रोफाइल पिक्चर्स, बॉलीवुड फिल्मों, ओलंपिक दृश्यों और मशहूर हस्तियों की तस्वीरों को घिबली स्टाइल में बदल रहे हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क जैसी हस्तियाँ भी घिबली आर्ट में दिखाई दे रही हैं।
कैसे बनाएं घिबली इमेज?
अगर आप भी घिबली आर्ट में अपनी इमेज बनाना चाहते हैं, तो आप ChatGPT के GPT-40 मॉडल का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी इमेज अपलोड करनी होगी और प्रॉम्प्ट में लिखना होगा, “इस इमेज का Studio Ghibli वर्जन बनाओ।” फिर AI उसे घिबली स्टाइल में बदल देगा।
कॉपीराइट और कानूनी मुद्दे
AI द्वारा बनाई गई घिबली स्टाइल की तस्वीरों पर एक कानूनी विवाद भी शुरू हो गया है। क्या AI द्वारा बनाई गई ये तस्वीरें कानूनी रूप से सही हैं? कई कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि AI द्वारा बनाई गई तस्वीरें पूरी तरह से कानूनी नहीं हो सकतीं, क्योंकि इनमें मूल कला का उपयोग किया जा सकता है।
घिबली के संस्थापकों की प्रतिक्रिया
हयाओ मियाज़ाकी ने AI द्वारा बनाई गई तस्वीरों की आलोचना करते हुए इसे “जीवन का अपमान” बताया है। उनका मानना है कि कला का असली मूल्य तब सामने आता है जब इंसान अपने अनुभवों, दर्द और संवेदनाओं को अपनी कला में उतारता है, जबकि AI इससे बहुत दूर है।