Khabarnama Desk : केंद्र सरकार ने कैब सेवा प्रदाता ओला और उबर को अलग-अलग मोबाइल प्लेटफॉर्म (आईफोन और एंड्रॉयड) पर एक ही जगह की यात्रा के लिए अलग-अलग किराया दिखाने के आरोप में नोटिस भेजा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार (23 जनवरी 2025) को एक्स पर यह जानकारी साझा की।
मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने दोनों कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर क्यों विभिन्न मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के उपयोगकर्ताओं के लिए किरायों में भिन्नता हो रही है। उन्होंने इसे उपभोक्ताओं के पारदर्शिता के अधिकार का उल्लंघन बताया।
आईफोन और एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए अलग-अलग किराये
जोशी ने कहा, ‘‘उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीसीपीए के माध्यम से ओला और उबर को नोटिस जारी किया है। नोटिस का उद्देश्य यह समझना है कि एक ही बुकिंग के लिए आईफोन और एंड्रॉयड पर अलग-अलग भुगतान क्यों लिया जा रहा है।’’
पिछले महीने, मंत्री ने उपभोक्ता शोषण को अस्वीकार्य बताते हुए ऐसी गतिविधियों की गहन जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि ऐसी नीतियां उपभोक्ता हितों के खिलाफ हैं और पारदर्शिता के अधिकार की अनदेखी करती हैं।
As a follow-up to the earlier observation of apparent #DifferentialPricing based on the different models of mobiles (#iPhones/ #Android) being used, Department of Consumer Affairs through the CCPA, has issued notices to major cab aggregators #Ola and #Uber, seeking their…
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) January 23, 2025
क्या है मामला?
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ओला और उबर पर आरोप है कि वे यात्रियों से उनके डिवाइस के आधार पर किराया वसूल रहे हैं। उदाहरण के लिए, आईफोन उपयोगकर्ताओं को एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं की तुलना में अधिक किराया दिखाया जा रहा है। इस मुद्दे पर कंपनियों का जवाब आने के बाद ही केंद्र सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
सरकार ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी और अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।